
PNB बैंक नीरव मोदी फ्रॉड केस में CBI की बड़ी कार्रवाई, संदीप मिस्त्री UAE से भारत वापस लाया गया
CBI ने बताया कि यह डिपोर्टेशन विदेश मंत्रालय (MEA), गृह मंत्रालय (MHA) और UAE के अधिकारियों के समन्वय से किया गया। मिस्त्री 28 सितंबर की रात करीब 11:55 बजे मुंबई पहुंचा, जहां CBI की बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच (BSFB), मुंबई के अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
संदीप मिस्त्री न्यायिक हिरासत में भेजा गया
भारत पहुंचने के बाद मिस्त्री को मुंबई की सक्षम अदालत के सामने पेश किया गया। इसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बाद में विशेष CBI अदालत ने उसे 6 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
CBI के अनुरोध पर जुलाई 2026 में मिस्त्री के खिलाफ जारी किए गए इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर उसे हिरासत में लिया गया था। एजेंसी के अनुसार, इसके बाद UAE अधिकारियों ने उसे ट्रैक कर गिरफ्तार किया और भारत प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरू की।
मिस्त्री पर क्या आरोप हैं?
CBI ने मिस्त्री पर PNB फ्रॉड केस से जुड़े फर्जी अंतरराष्ट्रीय व्यापार सौदों में शामिल होने का आरोप लगाया है। एजेंसी के अनुसार, वह विभिन्न संस्थाओं के बीच एक कड़ी के रूप में काम कर रहा था और उनके रोजमर्रा के कामकाज की निगरानी में भी शामिल था।
जांचकर्ताओं के अनुसार, मिस्त्री ने हीरे, सोने और मोती के आभूषणों से जुड़े फर्जी लेनदेन को वास्तविक दिखाने के लिए फर्जी आयात-निर्यात दस्तावेज तैयार करने में मदद की। CBI का यह भी दावा है कि वह UAE में डमी कंपनियों के बैंक खातों से धन ट्रांसफर करने में शामिल था।
एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि मिस्त्री और अन्य लोगों ने विदेशी कंपनियों के निदेशकों पर दबाव बनाया। इन कंपनियों का कथित तौर पर डमी संस्थाओं के रूप में इस्तेमाल किया गया था। CBI के अनुसार, निदेशकों को कथित तौर पर धमकाया गया और ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया, जिनमें उन्हें कंपनियों का वास्तविक मालिक बताया गया था।
ये आरोप जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए हैं और इन पर अदालत में कानूनी कार्यवाही होनी बाकी है।
इंटरपोल रेड नोटिस के बाद हुई डिपोर्टेशन की कार्रवाई
CBI ने बताया कि जुलाई 2026 में मिस्त्री के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था। नोटिस जारी होने के बाद UAE अधिकारियों ने उसे ट्रैक कर गिरफ्तार किया और उसे भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
एजेंसी के अनुसार, भारतीय और UAE अधिकारियों के बीच समन्वय के बाद रेड नोटिस जारी होने के करीब दो महीने के भीतर मिस्त्री को भारत डिपोर्ट कर दिया गया।
मामले में पहले ही चार्जशीट दाखिल
CBI ने बताया है कि इस मामले में सक्षम अदालत के सामने पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। मिस्त्री की भारत वापसी PNB फ्रॉड केस की व्यापक जांच और इससे जुड़े कथित नेटवर्क की जांच का हिस्सा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय अधिकारी विदेशी न्यायक्षेत्रों से जुड़े बड़े वित्तीय अपराधों के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। साथ ही, वित्तीय अपराधों की जांच में भारत की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं।
अब आगे क्या होगा?
मिस्त्री फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और भारत में आगे की कानूनी कार्यवाही के आधार पर मामले में अगला कदम तय होगा। जांचकर्ता PNB फ्रॉड जांच से जुड़े अन्य संस्थाओं और आरोपियों के साथ उसके कथित संबंधों, वित्तीय लेनदेन और भूमिका की आगे जांच कर सकते हैं।
यह मामला अभी अदालत में लंबित है और जांच एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोपों को अदालत द्वारा अंतिम रूप से दोष सिद्ध किए जाने के रूप में नहीं माना जा सकता।
5 FAQs
1.संदीप मिस्त्री कौन है?
संदीप मिस्त्री नीरव मोदी से जुड़े PNB बैंक फ्रॉड केस में CBI द्वारा वांछित आरोपी बताया गया है।
2.संदीप मिस्त्री को भारत कहां से लाया गया?
CBI के अनुसार, उसे UAE से डिपोर्ट कराकर भारत लाया गया है।
3.संदीप मिस्त्री के खिलाफ कौन सी एजेंसी कार्रवाई कर रही है?
मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कार्रवाई कर रही है।
4.क्या संदीप मिस्त्री के खिलाफ रेड नोटिस जारी था?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संदीप मिस्त्री रेड नोटिस आरोपी था।
5.इस कार्रवाई में किन मंत्रालयों का समन्वय रहा?
CBI ने विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के समन्वय से कार्रवाई की।
